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जयपुर की दीया का राजसमंद में रोचक मुकाबला

April 26, 2019

जयपुर के पूर्व राजघराने की राजकुमारी दीया के राजसमंद सीट से भाजपा की तरफ से मैदान में उतरने से यह वीवीआईपी सीट बन गई है। उनका मुकाबला कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर से हो रहा है। प्रदेश में झीलों वाले इलाके की पहचान रखने वाले राजसमंद में पीने के पानी, रोजगार और झील संरक्षण जैसे अहम मुददों पर अब कोई बात ही नहीं हो रही है। स्थानीय जनता खासकर महिलाओं में भाजपा की राजकुमारी दीया का आकर्षण भी बहुत है। दीया कुमारी चुनाव तो जयपुर शहर सीट से लडना चाहती थी। राजसमंद के मौजूदा सांसद हरीओम सिंह राठौड़ ने इस बार स्वास्थ कारणों के चलते चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया था। दीया के चुनाव लडऩे से ही अब यह सीट अहम और चर्चित बन गई है। कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर की स्थानीय पकड़ भी बहुत मजबूत है। हर तरह से अलग मायने प्रदेश की उदयपुर, चित्तौड, पाली, नागौर और अजमेर सीटों से सटी राजसमंद की सीट हर तरह से अलग मायने रखती है। प्रदेश में परिसीमन के बाद हुए दो चुनावों में एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा को जीत मिली थी। 2014 का चुनाव भाजपा के हरीओम सिंह राठौड़ ने 3 लाख 95 हजार वोटों के अंतर से कांग्रेस के गोपाल सिंह ईडवा को हरा कर जीता था। उससे पहले 2009 का चुनाव कांग्रेस के गोपाल सिंह ईडवा ने भाजपा के रासा सिंह रावत को 45 हजार वोटों के अंतर से जीता था। इस बार कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर के लिए 3 लाख 95 हजार वोटों का अंतर पाटना ही बड़ी चुनौती बन गया है। विधानसभा के 2018 में हुए चुनाव में इस संसदीय सीट की 8 में से 4 सीटें भाजपा ने और 3 सीटें कांग्रेस ने तो एक सीट रालोपा ने जीतीं थी। विधानसभा सीटों के हिसाब से तो भाजपा का पलडा साफ तौर पर भारी दिखाई देता है। राजसमंद में 18 लाख 99 हजार 813 मतदाता अपना सांसद चुनेंगे। इनमें 9 लाख 77 हजार 712 पुरूष और 9 लाख 22 हजार 90 महिला मतदाता है। कमान प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने संभाली भाजपा के प्रचार अभियान की कमान प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने संभाल रखी है। कटारिया का कहना है कि बेशक दीया कुमारी इलाके के लिए नई हैं इसके बावजूद उन्होंने कम समय में ही जनता के बीच पकड बना ली है। दीया कुमारी को लेकर ग्रामीण महिलाओं में जबरदस्त आकर्षण है। कटारिया का कहना है कि नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने की जो लहर चल रही है उसमें कांग्रेस कहीं नहीं टिक पाएगी। भाजपा उम्मीदवार दीया कुमारी भी अपनी सभाओं में कह रही है कि इलाके की समस्याओं को लेकर संसद में आवाज उठाई जाएगी। इलाके में बडी रेल लाइन का काम जल्द पूरा करवाने और झील संरक्षण की दिशा में बेहतर काम करने का वादा भी किया जा रहा है। दीया कुमारी का कहना है कि यह चुनाव पूरी तरह से राष्ट्रवाद को लेकर हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश का दुनिया में गौरवा बढाया है। जनता ने भी पूरा मन बना लिया है कि भाजपा को ही सत्ता सौंपनी है। Published by: Sandhya Jyoti Darpan .


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